सुप्रीम कोर्ट का फैसला- लॉकडाउन अवधि की सैलरी पर कंपनी और कर्मचारी आपस में करें समझौता
लॉकडाउन अवधि में मजदूरों और कर्मचारियों की तनख्वाह के भुगतान पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि कंपनी और कर्मचारी आपस में समझौता कर तय कर लें. इसकों लेकर कंपनियों के खिलाफ कोई दण्डात्मक कार्रवाई नहीं की जा सकेगी. कोर्ट का पिछला आदेश ही मान्य रहेगा.
4 सप्ताह का वक्त दिया जाता है- सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी मुद्दों पर एक साथ फैसला किया जाना था. अब केंद्र को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 4 सप्ताह का वक्त दिया जाता है. जिनमें कुछ याचिकाओं में अदालत ने कोई कार्रवाई न करने का आदेश पारित कर दिया था. यह आदेश सभी मामलों में जारी रहेगा.
विवाद को हल करने का प्रयास- सुप्रीम कोर्ट
HC ने कहा कि यह मामला विवादित नहीं हो सकता, उद्योग और मजदूर दोनों को एक-दूसरे की जरूरत है. 54 दिनों के लिए मजदूरी के वेतन के विवाद को हल करने का प्रयास किया जाए. प्राइवेट कंपनियां और फैक्ट्री, लॉकडाउन के दौरान श्रमिको के साथ वेत भुगतान को लेकर बातचीत करने के इच्छुक हैं, वह बातचीत शुरू कर सकते हैं.
कोई कठोर कदम नहीं उठाएगी- सरकार
HC द्वारा ये आदेश भी दिया कि सरकार किसी प्राइवेट कंपनियों या फैक्ट्रियों के खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाएगी जो लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों को मजदूरी देने में विफल रहे हो. राज्य सरकार के श्रम विभागों द्वारा वेतन भुगतान की सुविधा के संबंध में कर्मचारियों और नियोक्ताओं के बीच बातचीत की जाएगी.
मजदूरों को 54 दिन के लॉकडाउन की अवधि की मजदूरी के भुगतान के लिए आपस में बातचीत करनी होगी.वहीं केंद्र ने 29 मार्च की वैधानिकता पर जवाब दाखिल करने के लिए 4 और सप्ताह दिए है, जिसमें मजदूरी के अनिवार्य भुगतान का आदेश दिया गया था. अब मामले की सुनवाई जुलाई के अंतिम सप्ताह में होगी.



2 Comments
jaruri hai
ReplyDeleteBilkul Jaruri hai
ReplyDeleteThanks