छतरपुर। छतरपुर में दो साल पहले कोरोनाकाल में उपजी जानलेवा परिस्थितियों के बाद हमने गरीबों और जरूरतमंद लोगों को एक रूपए में पेट भर भोजन उपलब्ध कराने के लिए चाचा की रसोई प्रारंभ की थी। इस रसोई में पिछले दो वर्षों में लगभग 5 लाख लोगों को भोजन कराया।
यह रसोई छतरपुर ही नहीं आसपास के लोगों के लिए भी लाभकारी थी लेकिन चुनाव के समय छतरपुर विधानसभा की भाजपा प्रत्याशी ललिता यादव ने गरीबों के लिए चलाई जा रही इस रसोई को बंद करा दिया।
उन्होंने निर्वाचन आयोग से आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत करते हुए इस रसोई पर ताला डलवा दिया।
आप ही बताईए जब सरकार महिलाओं को चुनाव के पहले नगद राशि दे रही है तो यह आचार संहिता का उल्लंघन क्यों नहीं है और गरीबों के लिए रोटी उपलब्ध कराने वाली चाचा की रसोई कैसे आचार संहिता का उल्लंघन कर रही है? इसे भी पढ़ें:- क्या आपको ऐसा CM चाहिए?
यह बात छतरपुर विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी और विधायक आलोक चतुर्वेदी पज्जन भैया ने शनिवार को अपने जनसंपर्क के दौरान आम जनता के बीच कही। उन्होंने कहा कि हम चुनाव आचार संहिता के बाद एक बार फिर गरीबों के लिए रसोई का संचालन शुरू करेंगे। यह रसोई लोगों की मदद करती रहेगी।
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दैनिक प्रथम पत्रिका से सुभाष चौधरी की रिपोर्ट
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