जनपद बिजनौर क्षेत्र के जहानाबाद ए गांव की जमीन पर गेहूं और सरसों की फसल को किया नष्ट. 3 दिन तक चलेगा सरकारी जमीन से कब्जा हटाने का अभिया।
दरअसल आपको बता दें कि गंगा खादर क्षेत्रल में रावली से नांगल घाट तक भूमाफियाओं ने हजारों बीघा जमीन पर का कब्जा जमा रखा है। भूमाफिया सरकारी भूमि पर फसल बुवाई कराने के लिए लाखों रुपयों की अवैध वसूली भी करते हैं। जिसको लेकर भूमाफियाओं के बीच विवाद भी होता रहता है।
यह भी बता दें कि कुछ महीने पहले भी बालाबाली गंगा घाट के समीप गंगा की सरकारी भूमि के बंटबारे को लेकर दो पक्ष आमने सामने आ गए थे। तब एक पक्ष का आरोप था कि दूसरे पक्ष ने ग्राम समाज की लगभग चार हजार बीघा भूमि पर कब्जा कर उसमें गन्ने की फसल बो रखी है।
वही ग्राम पंचायत जाहनाबाद के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा था। आरोप लगाया गया था कि कुछ भूमाफियाओं द्वारा गंगा खादर में ग्राम समाज की हजारों बीघा भूमि पर अवैध कब्जा कर गन्ने की फसल बो रखी है। वही शिकायती पत्र मिलने पर कार्रवाई करते हुए बिजनौर प्रशासन ने 23 दिसंबर को क्षेत्र में मुनादी कर गंगा खादर के मौजा जाहनवाद, शाहपुर खादर, सिहोरा, निजामावाद रामनगर के किसानों को अवगत कराया था कि ग्राम समाज की भूमि पर खड़ी किसी भी फसल को काटा नहीं जाएगा। लेकिन प्रशासन के अवगत कराने के बाबजूद भी भूमाफिया लगातार उक्त भूमि पर खड़ी गन्ने की फसल को काटकर बेच रहे हैं।
वही अब इसपर संज्ञान लेते हुए तहसील की एक टीम बुधवार की सुबह ही बालाबाली के गंगा खादर क्षेत्र में पहुंचने का साथ ही टीम ने जाहनबाद ए की पैमाइश के दौरान सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बोई गई सरसों और गेंहू की फसल को बुलडोजर से नष्ट कर दिया। इसपर तहसील कर्मियों का कहना है कि तीन दिन तक अभियान चलाकर सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाएगा।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या खड़ी हरी - भरी लहलहाती फसल को नष्ट कर देना ही क्या एक मात्र समाधन था क्या कोई इसका कोई और हल नही निकल सकता था।
दैनिक प्रथम पत्रिका से शिकुल कुमार की रिपोर्ट


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