सरकार की सोच के बीच कुदरत की दखल-अंदाजी, सरकार कृतिम बारिश कराने के लिए सोचती रह गई लेकिन कुदरत से देखा नहीं गया जनता को हाल, हुई झमाझम बारिश।
दरअसल, जहां एक और प्रदूषण की मार से दिल्ली-एनसीआर की जनता परेशान थी, वही प्रदूषण से बचाब के लिए कोर्ट के आदेश के बाद सरकार नितियां बनाने में जुट गई थी, दिल्ली में प्रदूषण से बचने के लिए सरकार की कृत्रिम बारिश की तैयारियां करती रही, लेकिन कुदरत से यह सब देखा नहीं गया और देर रात मौसम ने अचानक करवट बदली और बारिश होने लगी। इसें भी पढ़ें:-
बता दें कि, कल देर रात बारिश शुरू हुई लेकिन बारिश का सिलसिला बीच में बूंदाबांदी में बदल गया था, जिसके बाद सुबह सवेरे के समय एक बार फिर तेज बारिश के साथ बादल गरजे और बिजली भी चमकी। बारिश के मौसम में ठंडक का अहसास बढ़ गया है। लेकिन जनता को प्रदूषण की मार से भारी राहत मिली है। इससे एक्यूआई में बड़े पैमाने पर सुधार बताया जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में एक्यूआई 400 से घटकर 100 से नीचे पहुंच गया है। इसें भी पढ़ें:-
क्या अब भी कृत्रिम बारिश की जरूरत है...
दिल्ली में प्रदूषण की मार को कम करने के लिए सरकार कृत्रिम बारिश के लिए तैयारी कर रही है। दिल्ली सरकार ने मुख्य सचिव को तैयारी करने का आदेश दिया है। साथ ही कहना है कि दिल्ली सरकार कृत्रिम बारिश में आने वाले सभी खर्च को उठाने के लिए भी तैयार है। इसें भी पढ़ें:-
दिल्ली में प्रदूषण की मार को कम करने के लिए सरकार कृत्रिम बारिश के लिए तैयारी कर रही है। दिल्ली सरकार ने मुख्य सचिव को तैयारी करने का आदेश दिया है। साथ ही कहना है कि दिल्ली सरकार कृत्रिम बारिश में आने वाले सभी खर्च को उठाने के लिए भी तैयार है। इसें भी पढ़ें:-
वही इस संबंध में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली सरकार को अपना पक्ष भी रखना है। दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि यदि केंद्र सरकार सहयोग दें तो दिल्ली में 20 नवंबर को पहली बार कृत्रिम बारिश करवाई जा सकती है। लेकिन लेकिन देेर रात व सुबह हुई कुदरती बारिश के बाद भी क्या अब भी कृत्रिम बारिश की जरूरत है..
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दैनिक प्रथम पत्रिका से शिकुल कुमार की रिपोर्ट




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