पश्चिम बंगाल में झंडा फहराने को लेकर हुआ विवाद, BJP कार्यकर्ता की मौत,
बंगाल में 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा फहराने को लेकर हुआ मामुली कहासुनी पर विवाद के बाद 40 साल के एक बीजेपी कार्यकर्ता की कथित तौर पर पीट पीटकर हत्या कर दी गई. बता दें कि यह घटना शनिवार को हुगली जिले के खनाकुल क्षेत्र की बताई गई है. जानकारी के मुताबिक पता चला है कि नातिबपुर में टीएमसी और बीजेपी दोनो अपनी पार्टी ऑफिस के बाहर तिरंगा फहराने के लिए जमा हुए थे. लेकिन थोड़ी ही देर में दोनो दलों के कार्यकर्ता के बीच मामूली कहासूनी से शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया.
बंगाल को TMC के जंगलराज से मुक्त
बीजेपी प्रभारी बिमान घोष का कहना है कि, ''सुदर्शन बूथ लेवल के काफी सक्रिय कार्यकर्ता थे. वो शनिवार सुबह तिरंगा फहराने की तैयारी कर रहे थे. लेकिन तभी TMC के गुंडों ने उनपर हमला कर, उनकी हत्या कर दी. मुझे नहीं पता कि बंगाल को TMC के जंगलराज से मुक्त कराने के लिए आगे कितने बीजेपी नेताओं को अपनी जान की कुर्बानी देनी पड़ेगी.''
टीएमसी का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं
जबकि हुगली जिले के टीएमसी अध्यक्ष दिलीप यादव ने कहा कि विवाद बीजेपी के अंदर ही दो गुटों में हुआ था.उनका कहना है कि, 'टीएमसी का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. बीजेपी हिंसा के जरिए प्रदेश में अराजकता फैलाना चाहती है. मेरी लोगों से अपील है कि वो इस तरह की राजनीति का विरोध करें.'
प्रदेश हाईवे को किया ब्लॉक
पश्चिम बंगाल में हुई घटना के विरोध में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सांसद सौमित्र खान एवं ज्योतिर्मय महतो के नेतृत्व में कोलकाता प्रदेश हाईवे को ब्लॉक कर मृत कार्यकर्ता के शव के साथ प्रदर्शन किया. तत्पश्चात पुलिस ने भीड़ हटाने के लिए हल्के लाठी-चार्ज का प्रयोग किया. और इस घटना के विरोध में बीजेपी ने रविवार को खनाकुल बंद का आह्वान किया है.
हम लोग इस मामले में कुछ नहीं कह सकते
वहीं हुगली जिला पुलिस अधीक्षक तथागत बसु (ग्रामीण) ने कहा है कि इस मामले को लेकर 11 लोगों को हिरासत में लिया गया है. उनका ये भी कहना है कि, ''हम लोग इस मामले में कुछ नहीं कह सकते. हमें अब तक औपचारिक शिकायत तक नहीं मिली है.''
अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा स्वतंत्रता आंदोलन होगा
बता दें कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहना है कि हम सभी पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की हकीकत से पूरी तरह वाकिफ हैं. स्वतंत्रता दिवस के दिन भी हिंसा हो रही है. इसलिए अब प्रदेश में लोकतंत्र बहाल करने के लिए हमें एक और स्वतंत्रता आंदोलन करना होगा.


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