बिजनौर के कुछ शहर-कस्बो में बस स्टैंड नहीं होने से यात्री परेशान
स्योहारा और शेरकोट में रोडवेज बस स्टैंड नहीं होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जबकि स्योहारा में प्रक्रिया शुरू तक नहीं हुई है। और पिछले दिनों से एआरएम ने शेरकोट के लिए प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अभी तक प्रक्रिया बीच में लटकी है।
करीब 7 वर्ष पहले धामपुर में अनुबंधित बसों का डिपो बनाया गया था। जहॉ से बसें नहटौर, हल्दौर, बिजनौर, मुरादाबाद, अमरोहा, नूरपुर, दिल्ली आदि स्थानों को संचालित होती हैं, शेरकोट व स्योहारा में अभी तक बस स्टैंड नहीं है। यहां के लोगों बसों के इंतजार में सड़कों पर खड़े रहना पड़ता हैं। कई बार तो ऐसा होता है बसें यात्रियों को देखकर रूक जाती है, तो वही कई बार बसें रूकती ही नहीं है। आपको बता दें एआरएम ललित कुमार त्रिवेदी ने बताया कि शेरकोट में रोडवेज का बस स्टैंड बनाए जाने का प्रस्ताव अधिकारियों को भेज दिया है। लेकिन लॉकडाउन के चलते यह प्रक्रिया बीच में लटकी है। बस स्टैंड के लिए भूमि का निरीक्षण भी किया गया था, उधर स्योहारा में बस स्टैंड बनाए जाने का अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया है।
स्योहारा और शेरकोट में रोडवेज बस स्टैंड नहीं होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जबकि स्योहारा में प्रक्रिया शुरू तक नहीं हुई है। और पिछले दिनों से एआरएम ने शेरकोट के लिए प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अभी तक प्रक्रिया बीच में लटकी है।
करीब 7 वर्ष पहले धामपुर में अनुबंधित बसों का डिपो बनाया गया था। जहॉ से बसें नहटौर, हल्दौर, बिजनौर, मुरादाबाद, अमरोहा, नूरपुर, दिल्ली आदि स्थानों को संचालित होती हैं, शेरकोट व स्योहारा में अभी तक बस स्टैंड नहीं है। यहां के लोगों बसों के इंतजार में सड़कों पर खड़े रहना पड़ता हैं। कई बार तो ऐसा होता है बसें यात्रियों को देखकर रूक जाती है, तो वही कई बार बसें रूकती ही नहीं है। आपको बता दें एआरएम ललित कुमार त्रिवेदी ने बताया कि शेरकोट में रोडवेज का बस स्टैंड बनाए जाने का प्रस्ताव अधिकारियों को भेज दिया है। लेकिन लॉकडाउन के चलते यह प्रक्रिया बीच में लटकी है। बस स्टैंड के लिए भूमि का निरीक्षण भी किया गया था, उधर स्योहारा में बस स्टैंड बनाए जाने का अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया है।


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