बाघ का बढ़ता खौफ, बाघ के हमले से हाथी के बच्चे की हुई मौत; डेढ़ माह का था हाथी का बच्चा, पोस्टमार्टम के बाद शव को मिट्टी में दबाया गया। बढ़ापुर रेंज में गश्ती वनकर्मियों को ढ़करिया बीट में घायल अवस्था में पड़ा मिला था हाथी का बच्चा।
दरअसल जनपद बिजनौर के बढ़ापुर रेंज के गश्ती वनकर्मियों को ढ़करिया बीट में हाथी का बच्चा घायल अवस्था में मिला था। जिसको रेंज कार्यालय परिसर में लाकर उपचार दिलाया गया, लेकिन वह मौत को हरा नहीं पाया और उसकी सांसो की डोर टूट गई।
वही डीएफओ नजीबाबाद आशुतोष पांडेय के मुताबिक; बढ़ापुर वन रेंज के वनकर्मियों को शनिवार की रात करीब नौ बजे गश्त के दौरान ढ़करिया बीट के कक्ष संख्या छह में डेढ़ माह का हाथी का बच्चा घायल अवस्था में मिला। जिसके सिर में गंभीर चोंटें लगी थी। जिसको देख वनकर्मियों ने इसकी सूचना वनाधिकारियों को दी और तत्काल हाथी के घायल बच्चे को उपचार के लिए बढ़ापुर वन रेंज कार्यालय परिसर ले आए। पशु चिकित्सक टीम ने बच्चे का उपचार किया। मगर, देर रात ही उसकी मौत हो गई।
डीएफओ ने बताया कि हाथी के बच्चे को बाघ ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। हाथी के बच्चे के सिर में गहरी चोट आई थी। तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल ने मृत हाथी के बच्चे के शव का पोस्टमार्टम किया। जिसके बाद हाथी के बच्चे का शव रेंज कार्यालय के समीप ही मिट्टी में दबा दिया गया।



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