नहटौर: नगर पालिका परिषद नहटौर की चेयरपर्सन अनस इकरार के पिछड़ी जाति के प्रमाण पत्र को एसडीएम साकेत नई दिल्ली ने निरस्त कर दिया। इसके चलते अब उनकी कुर्सी खतरे में आ गई है।
अनस इकरार पत्नी मोहम्मद जैद रशीद ने अध्यक्ष का चुनाव लड़ा
वर्ष 2022 में आयोजित पालिका चुनाव में अध्यक्ष पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित था। इसमें राष्ट्रीय लोक दल लोकदल के सिंबल पर मोहल्ला हाथी वाला मंदिर निवासी अनस इकरार पत्नी मोहम्मद जैद रशीद ने अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था। उन्होंने विजयी भी हासिल की थी। नामांकन में अनस इकरार ने नई दिल्ली में बना अपनी जाति मेरासी (ओबीसी/नॉन क्रीमी लेयर) का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था।
चेयरपर्सन का जाति प्रमाण पत्र खारिज होने के बाद अब उनकी कुर्सी पर भी संकट
भाजपा प्रत्याशी महावीर सैनी और निर्दलीय प्रत्याशी इज़हार उर्फ़ राजा अंसारी ने शिकायत दर्ज कराते हुए अनस इकरार के जाति प्रमाण पत्र को चुनौती देते हुए निरस्त करने की मांग की थी। जांच में एसडीएम साकेत नई दिल्ली ने पारिवारिक रजिस्टर आदि के आधार पर अनस इकरार की जाति शेख मानी, जो सामान्य वर्ग में आती है। एसडीएम ने तहसीलदार साकेत बीबी रोड नई दिल्ली की ओर से 10 अक्टूबर 2022 को अनस पुत्री इकरार अहमद निवासी एफ 211 लड़ो सराय नई दिल्ली के लिए जारी जाति प्रमाण पत्र 90500000939275 को रद्द करने का आदेश दिया है। चेयरपर्सन का जाति प्रमाण पत्र खारिज होने के बाद अब उनकी कुर्सी पर भी संकट आ गया है।
अनस इकरार को पद मुक्त करने की मांग
शिकायतकर्ता महावीर सैनी और राजा अंसारी ने जिला प्रशासन से अनस इकरार को पद मुक्त करने की मांग की है। आरोप है कि अनस इकरार और उसके परिजनों ने नहटौर की जनता के साथ धोखा कर चुनाव लड़ा। साथ ही संविधान में दिए गए ओबीसी वर्ग के अधिकारों का भी हनन किया।
चेयरमैन का जाति प्रमाण पत्र संबंधी शिकायत आई थी, जिसकी जांच चल रही है। जाति प्रमाण से संबंधी जो भी आदेश हुआ है, उसे मंगाया जा रहा है। आगे उसी आधार पर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। - पूर्ण बोहरा, सीडीओ
दैनिक प्रथम पत्रिका से शिकुल कुमार की रिपोर्ट



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